छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीते 25 जून को आयोजित पुलिस परिवारों का आंदोलन कोई आज कल में तैयार नहीं हुआ था बल्कि इसकी तैयारी पिछले करीब डेढ़ साल से चल रही थी. अपनी समस्याओं को आंदोलन का रूप देने के लिए राकेश यादव जैसे बर्खास्त पुलिसकर्मियों ने बाकायदा व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाकर अभियान चला रखा था, जिसमें पुलिसकर्मियों के परिजन जुड़ते चले गए. शिक्षाकर्मियों के आंदोलन के सफल होने के बाद अचानक 25 जून का दिन तय किया गया और सरकार की सख्ती के बाद भी आंदोलन को सफल बना दिया गया. दरअसल, चुनावी साल होने के कारण शिक्षाकर्मियों से लेकर दूसरे भी संगठन आंदोलन कर अपनी मांगों को रख रहे हैं. 2 साल पहले भी खुद पुलिसकर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले थे, लेकिन अनुशासन में बंधे होने के कारण पुलिसकर्मी तो आंदोलन में शामिल नहीं हुए, लेकिन उनके परिजन इसमें जरूर शामिल हुए हैं.from Latest News छत्तीसगढ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2IvzcSu
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