गरियाबंद जिले के अंतिम छोर पर ओडिशा की सीमा से लगे सुपेबेड़ा गांव में दशगात्र (मृत्यु के 10वें दिन होने वाला एक अनुष्ठान) के दिन बैंड-बाजा बजाने का रिवाज है. यहां मातम का बैंड-बाजा तो हर महीने बजता है, लेकिन शादी की शहनाइयां कभी नहीं बजतीं.from Latest News छत्तीसगढ़ News18 हिंदी http://bit.ly/2QAdpNA
No comments:
Post a Comment