नई दिल्लीदिल्ली में 2020 का चुनावी मैदान सिर्फ रैली, रोड शो, घर-घर प्रचार, सभाएं तक ही सीमित नहीं है। यह अब सोशल मीडिया के सहारे भी आगे बढ़ रहा है। जहां एक तरफ नेताजी सुबह से शाम तक गलियों और इलाकों में वोट मांगते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियों की सोशल मीडिया टीम और उम्मीदवारों की अपनी एक अलग टीम वॉट्सऐप से लेकर और ट्विटर पर इनके पोस्ट अपडेट करती रहती है। लेकिन में पहली बार एंट्री मारी है सोशल मीडिया पर विडियो वायरल करने वाले ऐप्स जैसे टिक-टॉक, विवो ने। इन ऐप्स की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि राजनीतिक दलों के लिए काम करने वाली पीआर एजेंसियां, चुनाव प्रचार संभालने वाल संगठन और राजनीतिक रणनीतिकार अब टिक-टॉक का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली में सोशल मीडिया पर विडियो वायरल करने वाले यूजर्स की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। अकेले दिल्ली में इनकी संख्या करोड़ों में है। ये ऐप्स यंग दिल्ली को लुभाने का एक महत्वपूर्ण प्लैटफॉर्म बन गए हैं। इस तरह का प्रचार हिट साबितएक राष्ट्रीय पार्टी का चुनाव प्रचार संभालने वाली एजेंसी के डायरेक्टर का कहना है कि हमें टिक-टॉक पर पार्टी और उम्मीदवार के कामों को वायरल करने के लिए कहा गया है। इस पर राजनीतिक पार्टियां काफी गंभीर हैं। डायरेक्टर ने बताया कि अब तो हालात ऐसे हैं कि दिल्ली में यंग वोटर्स के साथ-साथ मिड ऐज ग्रुप के लोग भी ऐसे ऐप्स पर काफी ऐक्टिव हैं। ऐसे में तरह-तरह की विडियो बनाकर पोस्ट की जा रही हैं। कुछ नेताओं ने तो अपने अकाउंट तक बना लिए हैं और उनकी बैकहैंड टीम मंत्रियों, उम्मीदवार और स्टार प्रचारक की फोटो लगाकर वॉट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, टिक-टॉक और विवो पर अपलोड कर रहे हैं। बैंकहैंड टीम के लोगों का कहना है कि इस तरह से प्रचार काफी हिट साबित हो रहा है। लोग विडियो लाइक और शेयर भी कर रहे हैं। तिलक नगर से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह का कहना है कि यह एक नए तरह का प्रचार है। जो काम विधायक रहते किए हैं और रोजाना प्रचार और पार्टी के वादों की विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही हैं। इसका एक मकसद है ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ना और उनसे वोट करने की अपील करना। नेताजी पूछ रहे हैं, कैसे छाएं सोशल मीडिया परहाल ही में हरियाणा में चुनाव प्रचार संभालने वाली एक एजेंसी का कहना है कि अब नेता टिक-टॉक जैसे प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करने को लेकर पूछताछ करने लगे हैं। वहीं दिल्ली के चुनावी मैदान में उतरे एक नेता ने कहा कि विडियो बनाने के लिए ‘पॉप्युलर क्रिएटर्स’ का सहारा लिया जा रहा है। हम टिक-टॉक विडियो बनाने के लिए ऐसे रास्ते तलाश रहे हैं जिसे उनका कंटेंट राजनीतिक ना लगे। राजनीतिक एक्सपर्ट बता रहे हैं कि लोकसभा चुनावों तक किसी भी राजनीति पार्टी का टिक-टॉक पर कोई आधिकारिक अकाउंट नहीं था। हालांकि अब पार्टियां टिक-टॉक पर अपना अकाउंट बना रही है। दिल्ली चुनाव में भी इस पर खासा ध्यान दिया जा रहा है।
from Metro City news in Hindi, Metro City Headlines, मेट्रो सिटी न्यूज https://ift.tt/30NmU2J
No comments:
Post a Comment